म.प्र. में ई-वे बिल की अनिवार्यता व शर्ते म.प्र. सरकार द्वारा 23 मार्च 2022 को नई अधिसूचना जारी करते हुए निम्नलिखित वस्तुओं के लिये ई वे बिल अनिवार्य
मध्यप्रदेश में ई-वे बिल (E-Way Bill) की अनिवार्यता, शर्ते एवं नियम
अधिसूचना के अनुसार मध्यप्रदेश के अंतर्गत अधिसूचित वस्तु/माल के एक जिले से दूसरे जिले में एवं जिले के भीतर (Intra-District & Inter-District) परिवहन हेतु ई-वे बिल की अनिवार्यता से संबंधित प्रमुख शर्ते निम्नलिखित हैं:
- पुराना नियम (संदर्भ हेतु): पूर्व में एक जिले से दूसरे जिले में विभिन्न वर्ग की लगभग 43 वस्तुओं का प्रति कन्साइनमेंट मूल्य रु. 50,000/- या इससे अधिक होने पर ई-वे बिल अनिवार्य था।
- सामान्य वस्तुओं हेतु नई सीमा (₹ 1,00,000): नई अधिसूचना के लागू होने के बाद अब राज्य में एक जिले से दूसरे जिले (Inter-District) में सभी प्रकार की कर योग्य वस्तुओं (Taxable Goods), जिनका प्रति कन्साइनमेंट मूल्य रु. 1,00,000/- (एक लाख रुपये) से अधिक होगा, के परिवहन पर ई-वे बिल जारी किया जाना अनिवार्य है।
- तम्बाकू एवं पान मसाला हेतु विशेष नियम (₹ 50,000): तम्बाकू उत्पाद जैसे- पान मसाला, सिगरेट, बीड़ी, खैनी अथवा तम्बाकू आदि (अर्थात Chapter-24 एवं Tariff Heading-2106 में समाहित वस्तुएं) जिनका प्रति कन्साइनमेंट मूल्य रु. 50,000/- से अधिक है, के राज्य के भीतर परिवहन पर (चाहे आवागमन एक ही जिले में हो या एक जिले से दूसरे जिले में) ई-वे बिल जारी करना पूर्ववत अनिवार्य रहेगा।
- दवाइयों एवं सर्जिकल सामान पर पूर्ण छूट: राज्य के भीतर (Intra-District एवं Inter-District) सभी प्रकार की दवाइयां, सर्जिकल उपकरण, एक्टिव फार्मास्युटिकल्स इंग्रीडिएंट्स (API) (अर्थात HSN Code 3003, 3004 एवं 3006 के अंतर्गत आने वाली वस्तुएं) आदि के परिवहन पर किसी भी मूल्य (Any Value) पर ई-वे बिल जारी किया जाना अनिवार्य नहीं है।
- कर मुक्त वस्तुएं (Exempted Goods): जीएसटी विधान के अंतर्गत घोषित कर-मुक्त (Exempted) वस्तुओं के किसी भी मूल्य एवं राज्य में परिवहन हेतु ई-वे बिल की आवश्यकता नहीं है।
- प्रभावी तिथि: ई-वे बिल से संबंधित ये सभी संशोधन दिनांक 15/04/2022 से लागू हैं।
आइये इसे सरल उदाहरणों से समझते हैं:
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यदि वस्तु/माल एक राज्य से दूसरे राज्य (Inter-State) जा रहा हो:
- यदि माल का मूल्य ₹ 50,000/- तक है ➔ ई-वे बिल अनिवार्य नहीं
- यदि माल का मूल्य ₹ 50,000/- से अधिक है ➔ ई-वे बिल अनिवार्य है
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मध्यप्रदेश के भीतर परन्तु एक ही जिले में सामान का आवागमन (Intra-District):
(जैसे: देवास नाका, इंदौर से राजेंद्र नगर, इंदौर)- सामान्य माल/वस्तुओं के लिए: ई-वे बिल अनिवार्य नहीं है, चाहे माल का मूल्य कुछ भी हो।
- अपवाद (तम्बाकू/पान मसाला): यदि माल तम्बाकू, सिगरेट या पान मसाला है और मूल्य ₹ 50,000/- से अधिक है, तो एक ही शहर/जिले के भीतर भी ई-वे बिल बनाना mandatory होगा।
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मध्यप्रदेश के भीतर एक जिले से दूसरे जिले में आवागमन (Inter-District):
(जैसे: इंदौर से उज्जैन या इंदौर से रतलाम)- दवाइयां एवं सर्जिकल वस्तुएं (HSN 3003, 3004 & 3006): किसी भी मूल्य पर ई-वे बिल अनिवार्य नहीं।
- तम्बाकू, बीड़ी व सिगरेट: यदि मूल्य ₹ 50,000/- से अधिक है, तो ई-वे बिल अनिवार्य है।
- अन्य सभी सामान्य कर-योग्य माल के लिए: यदि कन्साइनमेंट मूल्य ₹ 1,00,000/- (1 लाख) से अधिक है, तभी ई-वे बिल अनिवार्य है।
व्यापारी जब एक शहर से माल लेकर दूसरे जिलों में भेजते थे और माल का मूल्य ₹ 50,000 से अधिक हो जाता था, तब उन्हें ई-वे बिल को लेकर काफी दुविधा रहती थी। शासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सामान्य कर-योग्य माल पर अब ₹ 1,00,000 तक की छूट प्राप्त है।
महत्वपूर्ण तकनीकी पहलू एवं विशेष स्थितियां (Value Added Knowledge)
1. "Bill To - Ship To" बिलिंग मॉडल में ई-वे बिल का नियम:
यदि आपका खरीदार (Buyer) राज्य से बाहर का है (Bill To) लेकिन माल की डिलीवरी मध्यप्रदेश के भीतर ही किसी अन्य स्थान पर (Ship To) दी जा रही है, तो ई-वे बिल की अनिवार्यता माल की वास्तविक भौतिक आवाजाही (Physical Movement) पर निर्भर करेगी।
चूंकि माल का भौतिक परिवहन मध्यप्रदेश के भीतर ही हो रहा है, अतः ई-वे बिल पोर्टल पर 'Dispatch From' और 'Ship To' के पिन कोड के आधार पर इसे Intra-State Movement माना जाएगा और इस पर मध्यप्रदेश की ₹ 1,00,000 वाली सीमा ही लागू होगी (ना कि Inter-State की ₹ 50,000 वाली सीमा)।
2. 50 किलोमीटर की दूरी और Part-B का नियम:
कई व्यापारियों में यह भ्रम रहता है कि 50 किमी से कम दूरी होने पर ई-वे बिल नहीं बनाना पड़ता। स्पष्ट रहे कि यदि माल का मूल्य निर्धारित सीमा (₹ 1,00,000) से अधिक है, तो ई-वे बिल (Part-A) बनाना अनिवार्य है।
50 किमी की छूट केवल Part-B (वाहन विवरण) के लिए मिलती है, वह भी तब जब माल को कंसाइनर के व्यवसाय स्थल से ट्रांसपॉटर के गोडाउन तक आगे के परिवहन के लिए भेजा जा रहा हो।
3. ई-वे बिल न बनाने पर पेनल्टी (Section 129 GST Act):
यदि आवश्यक सीमा से अधिक मूल्य का माल बिना वैध ई-वे बिल के परिवहन करते हुए पकड़ा जाता है, तो जीएसटी कानून की धारा 129 के तहत:
- कर-योग्य माल पर लागू टैक्स का 200% पेनल्टी के रूप में देय होगा।
- कर-मुक्त माल की स्थिति में माल के मूल्य का 2% या ₹ 25,000 (जो भी कम हो) पेनल्टी लगेगी।
- पेनल्टी जमा न करने की स्थिति में वाहन एवं माल जब्त (Detain/Seize) किया जा सकता है।
शासकीय अधिसूचना (Notification Summary Table) - FA3-08/2018/1/V(18)
मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 के नियम 138 (14) (घ) के अंतर्गत वाणिज्यिक कर विभाग, भोपाल द्वारा जारी आधिकारिक तालिका जिसके तहत ई-वे बिल जारी करने से छूट (Exemption Limit) प्रदान की गई है:
| क्र. | क्षेत्र एवं उद्देश्य (Area & Purpose) | वस्तुओं का विवरण (Description of Goods) | कन्साइनमेंट मूल्य (Consignment Value Limit) |
|---|---|---|---|
| 1 | जिले के भीतर आवागमन (Intra-district movement) | समस्त वस्तुएं (All Goods) | किसी भी मूल्य तक (Any Value - E-Way Bill Exempted) |
| 2 | एक जिले से दूसरे जिले में आवागमन (Inter-district movement) | क्रमांक 3 एवं 4 में उल्लिखित वस्तुओं को छोड़कर अन्य सभी माल | रु. 1,00,000 (एक लाख) तक ई-वे बिल से छूट (Not Exceeding ₹ 1,00,000) |
| 3 | एक जिले से दूसरे जिले में आवागमन (Inter-district movement) | सभी प्रकार के तम्बाकू एवं इसके उत्पाद (Chapter 24) तथा पान मसाला (Tariff Heading 2106) | रु. 50,000 तक ई-वे बिल से छूट (Not Exceeding ₹ 50,000) |
| 4 | एक जिले से दूसरे जिले में आवागमन (Inter-district movement) | दवाइयां, सर्जिकल उपकरण एवं एक्टिव फार्मास्युटिकल्स इंग्रीडिएंट्स (HSN Code 3003, 3004, 3006) | किसी भी मूल्य तक (Any Value - E-Way Bill Exempted) |
नोट: उपरोक्तानुसार तालिका में दर्शाई गई छूट की सीमाओं (Exemption Limits) से अधिक मूल्य का माल राज्य में परिवहन करने पर नियम 138, 138A, 138B, 138C, 138D एवं 138E के प्रावधानों के अंतर्गत ई-वे बिल बनाना अनिवार्य होगा।
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