0

changes made in f.y. 2017-2018
अप्रेल से नया वित्तीय वर्ष शुरू हो गया है और साथ ही साथ बजट में किये गए बदलाव भी लागू हो जायेंगे |
इस वजह से काफी ध्यान रखना होगा और टेक्स प्लांनिग भी करनी होगी | पर इस साल की टेक्स प्लानिंग करने से पहले आपको वो सभी बदलाव जान लेना आवश्यक होगा तो हम आपको इनकम टेक्स रिटर्न से संबधित बदलाव बताने जा रहे है | इनमे निम्न क्षेत्र में बदलाव हुए है :


इनकम टेक्स रिटर्न भरने हेतु हुए बदलाव :



1. सबसे बड़ा बदलाव यह हुआ है की सरकार ने अब Income Tax Return भरने के लिए आधार कार्ड नंबर देना अनिवार्य कर दिया है | पहले Aadhar Card no. देना अनिवार्य नहीं था | पर अब इसके बिना Income Tax Return नहीं भरा जा सकेगा | इसके अतिरिक्त यदि आपके आधार कार्ड में pan card से कुछ mismatch है तो उसे जल्द ही ठीक/दुरुस्त करवा ले अन्यथा अंत समय में यह जरुरी होगा |
आपको यह भी बता दे आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तारीख ३१ जुलाई होती है यदि आपका audit होता है तो यह तारीख 30th September हो जाती है |

2. यदि आप अपना रिटर्न देर से भरने के आदि है तो संभल जाइये इस वर्ष से यदि आपने अपना Income Tax Return F.Y. 2016-2017 i.e. A.Y. 2017-2018 का तय तारीख के बाद भरा तो आपको penalty भी लग सकती है | सरकार ने यह प्रावधान किया है की यदि आपने F.Y. 2017-18 का return ३१ दिसंबर तक नहीं भरा तो ५००० रूपये का जुर्माना / Penalty  और इस दिनांक के बाद रिटर्न भरने पर 10000/- रूपये का जुर्माना / Penalty.परन्तु यदि आपकी आय ५ लाख से कम है तो यह पेनल्टी १००० रूपये होगी |

3. यदि आपकी सालाना टैक्सेबल इनकम  /Taxable Income 50 लाख रुपए है और आपकी आय /income में salary और घर के किराये से आय है अब आपको सिर्फ एक पेज का ही return file करना होगा |
परन्तु यदि इसके अतिरिक्त कोई आय है तो आप एक पेज का return नहीं file कर पाएंगे |
इसके अतिरिक्त यदि आपने अब तक return file नहीं किया है और पहली बार return file करना है तो आप scrutiny के क्षेत्र से बाहर रहेंगे यानी आप पर scrutiny की गाज नहीं गिरेगी |


अब बात असल मुद्दे यानी Income Tax Calculation की :



4. जो income Tax Slab पिछले F.Y. यानी 2016-2017 A.Y. 2017-2018 में थी वह अब नहीं रहेगी उसमे भी कुछ बदलाव हुए है जैसे पहले की तरह 2.5 lacs तक टेक्स तो नहीं लगेगा परन्तु पहले की तरह 2.5 Lacs से 5 Lac कमाने वाले व्यक्तियों के लिए tax rate 10% से सीधे 5% कर दी गयी है |
यानी की जहा पहले यदि आपकी आय 5 Lac से ज्यादा थी तो 25000 रूपये टेक्स बनता था वही अब यह टेक्स सिर्फ 12500 हो जायेगा यानी सीधे सीधे 12500 फायदा |

5.  आपमें से काफी लोग 87A में Income tax rebate लेते आये होगे जो की पहले 5000 रूपये ( in A.Y. 2017-18 i.e. F.Y. 2016-17) थी यदि आपकी कुल आय chapter VI की कटौती के बाद 5,00,000 से कम है |
परन्तु उपरोक्त tax rate में बदलाव के कारण अब इस section में बदलाव किया गया है अब यदि आपकी कुल आय chapter VI की कटौती के बाद 3,50,000 से कम है तो ही आपको Section 87A की Rebate मिलेगी जो की अब रूपये 2,500/- मिलेगी |

6.अब 6.5 Lac से 1 cr प्रति वर्ष कमाने वाले व्यक्तियों को अपने टेक्स पर 10% surcharge देना होगा और 1 cr से ज्यादा कमाने वाले व्यक्तियों को 15% surcharge जो की वो पहले से ही देते आये है |

7. अब capital gain के calculation के लिए भी जो property आपने 2 साल से अधिक अपने पास रखी है उसे long term capital gain हेतु माना जायेगा यानी पहले जो property पहले ३ साल बाद बेचने पर long term capital gain की area में आते थे अब से वे 2 साल बाद ही long term capital gain की calculation area में आ जायेंगे | इससे आप 2 साल पुरानी संपत्ति को बेच कर indexation के साथ 20% की tax rate से कैपिटल गेन पर tax दे सकते है | यदि आपने  capital gain की राशि को section 54F के deduction वाले provisions में invest किया तो इस टेक्स से भी छूट मिल जायेगी |

8. ऊपर दिए पॉइंट से जुडी एक बात और से पहले indexation का base year 1st April 1981 था अब यह base year 1st April 2001 कर दिया गया है | इस कारण से आपका capital gain पर tax काफी कम हो जायेगा |

9. यदि आपने F.Y. 2016-17 या इससे पहले Rajeev Gandhi Equity Saving Scheme /राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम में निवेश किया है तो आपको इस पर छूट मिलेगी परन्तु F.Y. 2017-18 से इस पर टैक्स राहत नहीं मिलेगी |

10. यदि आपकी house property  एक से ज्यादा है और उनसे आय है तो आप उनसे 2 Lacs से ज्यादा loss नहीं दिखा सकेंगे | पहले इस पर कोई सीमा नहीं थी |

income tax slab rates
Income Tax Chart
चार्ट को देखने के लिए उस पर double click करिये 

ITR-1 को आसान बनाने के अलावा इस बार टैक्स विभाग ने ITR फॉर्म्स की संख्या भी कम कर दी है |अब 9 की जगह 7 रिटर्न फॉर्म रह गए हैं. मौजूदा ITR-2, ITR-2A और ITR-3 को मिलाकर एक अकेला ITR-2 फॉर्म लाया गया है. साथ ही, अब ITR-4 को ITR-3 कहा जाएगा, और ITR-4S फॉर्म को ITR-4 कहा जाएगा. हालांकि ITR-4S का सुगम नाम ITR-4 के लिए जारी रहेगा |
loading...

Post a Comment

 
Top